साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। अनुष्ठान के दौरान दिनचर्या नियमित रखें और आलस्य से बचें। साधक, अनुष्ठान, जप के बाद भी नियमित मंत्र जप करते रहें। साधना के समय जल का लोटा अपने पास रखें। जब ऐसा हो जाता है तो https://stepheng811aup6.oblogation.com/38389920/the-definitive-guide-to-shabar-mantra-kya-hai-real-definition